पीसी एंड पीएनडीटी एक्ट का उल्लंघन करने वाले डॉ. विट्ठल पटेल को कोर्ट ने तीन महीने कैद की सजा सुनाई है। उन्हें 10 हजार रुपए जुर्माना भरने का भी आदेश दिया है। सितंबर 2012 में पीसी एंड पीएनडीटी एक्ट के अंतर्गत डॉ. एसडी सिंधा ने डॉ. विट्ठल पटेल के सोहम जनरल अस्पताल और प्रसूति गृह तथा स्मित अस्पताल और इनफर्टिलिटी सेंटर पर छापा मारकर जांच शुरू की थी।
वहां ऐसे सबूत हाथ लगे जिससे ये साबित हुआ था कि डॉ. विट्ठल ने गैरकानूनी काम कर रहे थे। शिकायतकर्ता की तरफ से अधिवक्ता मुख्तियार शेख ने कोर्ट में दलील पेश की थी। दोनों पक्षों को सुनने के बाद चीफ ज्युडिशियल मजिस्ट्रेट ने गुरुवार को अपना फैसला सुनाया।
8 साल पुराना केस: छापे में मिला था गैरकानूनी काम
20 सितंबर 2012 को मारे गए छापे में क्लीनिक में उपलब्ध फॉर्म एफ की जांच करने पर ये पता चला कि मरीज की सोनोग्राफी के लिए सहमति पत्र सिर्फ अंग्रेजी भाषा में था। फॉर्म एफ में मुद्दा नंबर 9,10,11,12 और 13 में सोनोग्राफी किए गए मरीजों की जानकारी नहीं थी।
रिजल्ट ऑफ सोनोग्राफी की जानकारी कई फॉर्मों में नहीं मिली। मरीज को गर्भपात की सलाह दी थी या नहीं, गर्भपात करने की तारीख कई फॉर्म पर नहीं लिखी थी। कई जगहों पार यस-नो लिखा था और नॉट एप्लीकेबल भी लिखा था। इसके अलावा जो गलती थी वह ये थी कि दो मरीजों ने चेकअप करवाया था, लेकिन उनके फॉर्म जमा नहीं किए गए थे।
फॉर्म एफ की जानकारी में कुछ खामियां थीं: कोर्ट
कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि फॉर्म एफ में जानकारी भरने में कुछ खामियां थीं, लेकिन आरोपी ने अपने क्लीनिक तथा मरीज का नाम लिखा है। इसके अलावा कोई बड़ी खामी नहीं पाई गई है।
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Source From
RACHNA SAROVAR
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