1 अक्टूबर से लागू नए ट्रैफिक रूल के तहत पुलिस वाहनों के दस्तावेजों की जांच एम परिवहन पर कर रही है, लेकिन 2010 के पहले के लगभग पांच लाख वाहनों का डेटा आरटीओ ने ऑनलाइन नहीं किया है। ऐसे में ट्रैफिक पुलिस रीजन 2 के एसीपी बीएन दवे ने कहा कि अगर ऑनलाइन दस्तावेज नहीं शो कर रहा है तो ऐसे में कोई प्रैक्टिकल रास्ता निकाला जाएगा।
इस पर आगे निर्णय लिया जाएगा। वाहन मालिक अपने साथ दस्तावेजों की हार्ड कॉपी लेकर चल सकते हैं। पुलिस के पास मशीन रहेगी, जिसमें वाहन का चेचिस नंबर डालते ही सारे डॉक्युमेंट ऑनलाइन दिख जाएंगे। डिजिलॉकर एप पर भी डॉक्यूमेंट अपलोड कर सकते हैं।
आरटीओ के पास 10 साल पुराने वाहनों का डेटा ही नहीं
2010 से पहले के लगभग पांच लाख वाहनों का बैकलॉग डेटा आरटीओ के सारथि पोर्टल पर नहीं मिल रहे हैं। ऐसी रोज सैकड़ों शिकायतें आरटीओ के पास आ रही हैं। पुराने वाहनों की आरसी बुक डेटा भी वाहन 4 सॉफ्टवेयर पर उपलब्ध नहीं है। ड्राइविंग लाइसेंस प्रक्रिया के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले सारथि सॉफ्टवेयर के अब तक चार वर्जन अपग्रेड किए गए, जिसमे लाखों वाहनों के डेटा अपडेट ही नहीं किए गए।
एक्सपायर लर्निंग लाइसेंस के लिए फिर से अपॉइंटमेंट
लॉकडाउन में एक्सपायर हुए लर्निंग लाइसेंस के लिए अब फिर से अपॉइंटमेंट लेकर पक्के लाइसेंस के लिए आवेदन करना होगा। लगभग 30 हजार धारकों के लिए 31 दिसंबर तक छूट दी गई है। पहले बिना फीस अपॉइंटमेंट दी गई थी, लेकिन शनिवार को आरटीओ ने इसे अवैध कर दिया और कहा कि अब 150 रुपए देकर नई तिथि लेनी होगी।
अब एम परिवहन एप पर हो रही चेकिंग
1 अक्टूबर से हम एम परिवहन एप के जरिये वाहन मालिकों का डेटा की जांच करेंगे। पुराने वाहनों के बैकलॉग डेटा ऑनलाइन नहीं करने का मामला आरटीओ का है। अगर एप पर किसी वाहन मालिक का डेटा शो नहीं कर रहा है तो ऐसी स्थिति में उसे दस्तावेजों की हार्ड कॉपी साथ रखनी होगी।
एपी चौहान, एसीपी, ट्रैफिक
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Source From
RACHNA SAROVAR
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