फीवर क्लीनिक समय पर खुलें और लोगों को इलाज के साथ ही सैंपल लेने में किसी तरह की गड़बड़ी न हो इस बात का ध्यान रखा जाये। अगर कहीं से शिकायत मिलती है तो फिर वह कार्यवाही के लिये भी तैयार रहे। अपर कलेक्टर संदीप जीआर ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट में आयोजित बैठक में यह बात कही। उन्होंने कहा जिन अधिकारियों और कर्मचारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है वह फीवर क्लीनिक की निगरानी करने दिन में तीन चक्कर लगाएँ, जिसकी जहाँ ड्यूटी है वह अपना काम करे।
इस दौरान संबंधित क्षेत्र के एसडीएम, तहसीलदार व चिकित्सक उपस्थित थे। उन्होंने कहा जिस मोहल्ले में फीवर क्लीनिक है उस मोहल्ले के किसी जागरूक व्यक्ति को संबंधित अधिकारी अपना नंबर दें और उनसे कहें कि यदि फीवर क्लीनिक से संबंधित कोई समस्या आती है तो वे उक्त नंबर पर बताएँ। साथ ही पटवारी के नाम और नंबर भी लें और छोटी-छोटी समस्याएँ हैं तो उनका निराकरण करें।
जाँच के ज्यादा पैसे लिए तो रजिस्ट्रेशन होगा निरस्त} कोरोना की जाँच कर रहीं शहर की सभी निजी पैथोलॉजी लैबों के संचालकों को शासन द्वारा निर्धारित दर पर ही सैम्पल लेने के निर्देश मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. रत्नेश कुररिया ने दिए हैं। उन्होंने अधिक शुल्क वसूलने पर पैथोलॉजी लैब का पंजीयन निरस्त करने की चेतावनी भी दी।
कोविड मरीजों का इलाज रक्षा संस्थानों के अस्पतालों में भी शुरू हो } रक्षा संस्थानों के अस्पतालों में कोविड मरीजों के उपचार के लिये सभी जरूरी व्यवस्थायें जल्द करने कलेक्टर ने कहा है। मंगलवार को रक्षा संस्थानों के अधिकारियों के साथ हुई बैठक में उन्होंने कहा कि भविष्य में कोरोना मरीजों की संख्या बढ़ने की आशंका को देखते हुये वह अपने अस्पतालों में कम से कम पचास प्रतिशत बिस्तर कोविड मरीजों के उपचार के लिये आरक्षित करें। वहीं बिस्तरों तक ऑक्सीजन सप्लाई लाइन डालने का यह काम सात से दस दिन के भीतर पूरा कर लें।
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Source From
RACHNA SAROVAR
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