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सालीढाना के नानसिंह को 50 हजार रुपए दिए, 15 दिन पहले 25 हेक्टेयर जंगल काटा, बसने की तैयारी से आए थे, यहां रहते हुए करीब 30 हेक्टेयर पर थी कब्जे की तैयारी

सालीढाना के नानसिंह पिता खूमसिंह ने पट्‌टे की लालच दी। उसी के बुलावे पर 15 दिन पहले हम 9 लोग यहां (सरमेश्वर-ताल्याधड़) जमीन तलाशने आए थे। तब 25 हेक्टेयर जंगल को साफ कर दिया था। हमारे गांव का रमेश पटेल भी नानसिंह से मिला हुआ है। नानसिंह ने उन्हें सरमेश्वर व ताल्याधड़ का जंगल दिखा दिया जिस पर कब्जा करना था। सरमेश्वर में 3 व ताल्याधड़ में 25 हेक्टेयर जंगल की कटाई भी हो चुकी थी, सिर्फ कब्जा करना था। रमेश के पास से जब्त 1 लाख रुपए में से नानसिंह को 50 हजार देना था और शेष 50 हजार जंगल की कटाई पर खर्च करना था। हम उसके बहकावे में आ गए मुख्य आरोपी नानसिंह ही है। जिसने हमें लालच देकर यहां बुलाया। दो दिन की रिमांड के दौरान आरोपी रमेश पिता सुरसिंह, फेदा पिता गुदराम, फड़िया पिता सुरपाल तथा बोसा पिता सुमजी ने यह खुलासा किया है। आरोपियों को वन विभाग की टीम बुधवार सुबह जंगल ले गई थी। शुक्रवार-शनिवार की रात वन विभाग की टीम ने सरमेश्वर रोड व खंडवा के ओवरब्रिज पर तड़के सुबह चार बजे दो वाहनों में सवार 91 अतिक्रमणकारियों को तीर, गोफन, कुल्हाड़ी व अन्य धारदार हथियारों के साथ गिरफ्तार कर जंगल तक पहुंचने से पहले रोक लिया था।
नानसिंह ने खरगोन व बड़वानी जिले में फैलाई थी अफवाह - जंगल कटाई व कब्जा करने का मामला 2002 में शुरू हुआ था। इस दौरान खरगोन व बड़वानी जिले से बड़ी संख्या में आदिवासी खंडवा व बुरहानपुर जिले के जंगल काटकर कब्जा कर नवाड़ बना रहे थे। वन विभाग ने इन लोगों को वापस अपने जिले भेज दिया था। इसके बाद खालवा ब्लाक के सालीढाना निवासी नानसिंह ने बड़वानी जिले के रमेश पटेल के साथ मिलकर षड़यंत्र रचा। उन्होंने बड़वानी के कुछ आदिवासी गांवों में अफवाह फैला दी कि खंडवा जिले में नवाड़ बनाई जा रही है।
प्रति व्यक्ति 3 हजार रुपए मांगे, झूठ बोलकर फंसाया
गिरफ्तार आरोपियों ने कहा कि नानसिंह ने हमसे झूठ बोला कि मैंने विभाग से जमीन ले ली है। तुम सब एक साथ आ जाना और अपनी-अपनी जमीन पर कब्जा कर लेना। नानसिंह ने इसके लिए प्रति व्यक्ति 3000 रुपए मांगे थे। आदिवासियों ने राशि भी एकत्रित कर ली। चार-छह दिन का राशन, हथियार व जंगल काटने के औजार लेकर आए थे। नानसिंह ने ही हमें झूठ बोलकर फंसाया है। सालीढाना के ग्रामीण बताते हैं नानसिंह जंगल की जमीन बेचने का धंधा ही करना लगा है।
गिरफ्तारी के बाद गुटों में बंटे आरोपी
प्रकरण दर्ज होने के बाद आरोपी दो गुटों में बंट गए हैं। इनमें से रमेश पिता सुरसिंह, फेदा पिता पिता गुदराम, फड़िया पिता सुरपाल, बोसा पिता सुमजी सहित 9 लोग एक व शेष 82 आरोपी दूसरे गुट में बंट गए हैं। 82 लोगों का कहना है कि यह 9 लोग हमें झूठ बोलकर व गलत जानकारी देकर यहां लाए हैं। हमें सही जानकारी मिली तो इनके साथ आते ही नहीं।
कटाई की जगह दोबारा करेंगे प्लांटेशन
एसडीओ आईएस गाडरिया ने बताया कि अतिक्रमणकारियों ने जिस जगह पेड़ काटे हैं, वहां पर दोबारा प्लांटेशन करेंगे। सभी के खिलाफ अवैध कटाई का प्रकरण दर्ज किया है। तीर, गोफन कुल्हाड़ी जब्त होने पर आर्म्स एक्ट का मामला नहीं बनता।

इधर, पनाली टप्पर में 30 लोग अब भी डटे

छैगांवमाखन के पनाली टप्पर में अतिक्रमण की तैयारी से आए 200 लोगों में से 30 अब भी जंगल के आसपास डटे हुए हैं। नदी किनारे भोजन तैयार कर रहे आदिवाियों को समझाइश देने बुधवार रेंजर पवन पांडेय और टीम मौके पर पहुंची। रेंजर ने सभी को समझाइश दी कि जंगल काटने की कोशिश मत करना। उन्हाेंने कहा कि अगर एक-दो रोज में संदेहयों ने जंगल से पलायन नहीं किया तो प्रकरण दर्ज कार्रवाई की जाएगी। पट्‌टे का लालच देने वाले तैरसिंह की तलाश की जा रही है।



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50 thousand rupees were given to Nansingh of Salidhana, 15 days ago 25 hectares of forest was harvested, came to prepare for settling, while occupying about 30 hectares was ready to occupy here


Source From
RACHNA SAROVAR
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