(जुल्फिकार तुंवर) राष्ट्रपिता गांधीजी को पहली बार ‘महात्मा’ की उपाधि गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर ने नहीं, बल्कि गुजरात के सौराष्ट्र के जेतपुर गांव के लोगों ने दी थी। यह दावा इतिहासविद् डॉ. महबूब देसाई की पुस्तक ‘गांधीजी ने अपायेला मानपत्र’ के आधार पर किया जा रहा है।
दरअसल, गांधीजी 9 जनवरी 1915 को दक्षिण अफ्रीका से मुंबई लौटे थे। अफ्रीका में गांधीजी को भाई कहकर पुकारा जाता था, लेकिन भारत आते ही उन्हें महात्मा की उपाधि मिल गई। अब तक यही माना जाता है कि रवींद्रनाथ टैगोर ने ही गांधीजी को पहली बार महात्मा कहा था।
6 मार्च, 1915 को गांधीजी और टैगोर के बीच शांतिनिकेतन में पहली मुलाकात हुई थी। लेकिन, डॉ. देसाई की पुस्तक में महात्मा संबाेधन का पहले मिलने का उल्लेख है। दरअसल, भारत आने के बाद गांधीजी मुंबई से सीधे राजकोट के लिए निकल पड़े थे।
21 जनवरी 1915 को जेतपुर और 24 जनवरी को गोंडल शहर में उनका सम्मान हुआ था। दोनों स्थानों पर दिए गए सम्मान पत्रों में गांधीजी को ‘महात्मा’ कहा गया था। डॉ. महबूब देसाई ने गांधीजी को मिले सम्मान पत्रों को लेकर 5 साल तक रिसर्च की।
उन्हें जितने भी सम्मान दिए गए, उनका विवरण इकट्ठा किया और इसे पुस्तक का रूप दिया। जेतपुर और गोंडल में दिए गए मानपत्र में उनके नाम के साथ ही शुरुअात में ‘श्रीमान महात्मा मोहन दास करमचंद गांधी लिखा’ गया है।
डाॅ.देसाई की 336 पेज की पुस्तक में गांधीजी को मिले अलग-अलग मानपत्रों में से 69 चुनिंदा मानपत्रों को स्थान दिया गया है। इसमें दक्षिण अफ्रीका, श्रीलंका और देश के विभिन्न भागों से मिले मानपत्र शामिल हैं। डॉ. देसाई के गांधीजी से जुड़े कई संदर्भ और ग्रंथ प्रकाशित हो चुके हैं।
मानपत्र में लिखा- श्रीमान महात्मा मोहन दास करमचंद गांधी
गांधीजी को दिए मानपत्र में महात्मा शब्द के साथ लिखा है- ‘बहुत सालों तक आपने हिंदवासियों के हक के लिए लड़ाई लड़ी है और अब आप जन्मभूमि में पधारे हैं। आपके दर्शन से हम सब खुश हैं। बिना स्वार्थ के दुख सहते हुए आर्थिक भोग का त्याग करना कठिन काम है।
आप हिंद की भलाई के लिए प्रयास करते हुए हमारा मार्गदर्शन करते रहेंगे। आपके जीवन चरित्र को महान योगी की उपमा देना हमें उचित लगा।’ अंत में जेतपुर के 49 प्रमुख लोगों के हस्ताक्षर हैं।
Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
Source From
RACHNA SAROVAR
CLICK HERE TO JOIN TELEGRAM FOR LATEST NEWS

Post a Comment