जीआरपी की गिरफ्त में आया हवाला एजेंट थानाराम शहर के किन सराफा कारोबारियों के लिए काम करता था, उनका फाइनेंशियल नेटवर्क कितना मजबूत और कहाँ-कहाँ तक फैला हुआ है, इन तमाम बातों की जानकारियाँ जुटाने के लिए इंकम टैक्स डिपार्टमेंट की स्पेशल टीम गंभीरता से जाँच कर रही है। ये मामला इसलिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि पहली बार किसी आरोपी ने पकड़े जाने के बाद ये कबूल किया है कि वह हवाला कारोबारियों के लिए काम करता है। जीआरपी के शिकंजे में फँसने के बाद आरोपी थानाराम ने बताया था कि उसे मुंबई से जबलपुर आने-जाने की हर ट्रिप के लिए 15 हजार रुपए मिलते थे।
विगत दिनों जीआरपी ने जबलपुर रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नं. 1 पर राजस्थान निवासी थानाराम नाम के शख्स को पकड़ा था, जिसके पास हवाला के नकदी व जेवर मिलाकर करीब डेढ़ करोड़ रुपए पकड़े गए थे। थानाराम ने पुलिस को जानकारी थी कि मुंबई की एक फर्म का जबलपुर के सराफा में चौधरी ट्रेडर्स के नाम से ऑफिस है, जहाँ से उसे मुंबई के साथ देश के कई अलग-अलग शहरों में पैसा और आभूषण हवाला के लिए भेजा जाता है। थानाराम की निशानदेही पर पुलिस ने सराफा में छापा मारा तो चौधरी ट्रेडर्स का दफ्तर बंद मिला और वहाँ काम करने वाले भी अंडरग्राउंड हो चुके थे।
मामला आर्थिक अनियमितता से जुड़ा होने के कारण इंकम टैक्स विभाग को जीआरपी ने सूचना दी थी और ज्वाइंट डायरेक्टर स्तर के अधिकारी की निगरानी में आईटी डिपार्टमेंट हर पहलू पर काम कर रहा है। इस मामले में जीआरपी क्रिमिनल एंगल से हवाला कारोबारियों पर शिकंजा कसने की तैयारी कर रही है। आईटी की टीम ने चौधरी ट्रेडर्स से जुड़कर व्यापार करने वाले करीब एक दर्जन सराफा व्यापारियों की लिस्ट भी तैयार कर ली है, जिन्हें नोटिस भेजकर जवाब माँगा जाएगा।
हमने इस वित्तीय वर्ष में करीब तीन करोड़ रुपए पकड़कर दिए हैं, इस मामले में पकड़े गए आरोपी के बयान काफी महत्वपूर्ण हैं। आईटी की टीम भी सभी पहलुओं पर बारीकी से जाँच कर रही है।
- सुनील जैन, एसपी रेल
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RACHNA SAROVAR
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