header ads

जब सुलह की प्रक्रिया चल रही तब हड़ताल गैरकानूनी

आयुध कर्मियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल के दिन जैसे-जैसे करीब आते जा रहे हैं वैसे-वैसे कर्मचारियों और प्रशासन के बीच तल्खी बढ़ती जा रही है। ओएफबी की ओर से मंगलवार को जारी किए गए निर्देश ने और आग में घी डालने का काम किया। बहरहाल, बोर्ड का कहना है कि निर्माणी प्रशासन अपने-अपने कर्मचारियों को अच्छे से समझा दे कि 12 अक्टूबर से प्रस्तावित हड़ताल में शामिल होने के क्या परिणाम हो सकते हैं।

आयुध निर्माणी बोर्ड ने यह भी कहा है कि जब समझौते की प्रक्रिया चल रही है तो ऐसे में हड़ताल करना अपने आप में गैरकानूनी माना जाएगा। ओएफबी का कहना है कि 15 सितंबर 20 को श्रमिक संघ के प्रतिनिधियों और रक्षा विभाग के अधिकारियों के बीच मीटिंग हुई थी जिसमें विभिन्न माँगों और मुद््दों पर चर्चा का लंबा दौर चला। बोर्ड का कहना है कि जब एक तरफ प्रक्रिया गतिशील है तो अचानक से हड़ताल का निर्णय सरासर गलत साबित होता है।

श्रमिकों की भावनाओं की कद्र करे सरकार - राज्यसभा सांसद विवेक कृष्ण तन्खा ने मंगलवार को ट्वीट करके कहा कि देश की सभी आयुध निर्माणियों में अनिश्चितकालीन हड़ताल चिंता का विषय है। उन्होंने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से आग्रह है कि वे इस मामले में हस्तक्षेप कर देश की 41 आयुध निर्माणियों में कार्यरत लाखों मजदूरों और मजदूर संगठनों की भावनाओं की कद्र करें, यह समूचे देश की चिंता है’। आयुध निर्माणियों की समस्याओं को लेकर सांसद श्री तन्खा पहले भी रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से मिल चुके हैं।



Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today


Source From
RACHNA SAROVAR
CLICK HERE TO JOIN TELEGRAM FOR LATEST NEWS

Post a Comment

[blogger]

MKRdezign

Contact Form

Name

Email *

Message *

Powered by Blogger.
Javascript DisablePlease Enable Javascript To See All Widget