लाॅकडाउन में दो महीने बंद रहने के बाद खुली सूरत की टेक्सटाइल इंडस्ट्री अब पटरी पर आने लगी है। इस समय व्यापारियों की सबसे बड़ी समस्या बकाया है। बाहर की मंडियों के व्यापारी बकाया पेमेंट देने में आनाकानी कर रहे हैं।
यूपी-बिहार और दक्षिण भारत की मंडियों से पेमेंट आने में देरी हो रही है। कुछ व्यापारियों ने तो बिना बकाया चुकाए नया माल देना बंद कर दिया है। हालांकि इन मंडियों के 10% व्यापारी पेमेंट कर देते हैं, लेकिन 90% कोरोना हुआ है, अस्पताल में हैं, जिन्हें उधार दिया वे दे नहीं रहे हैं जैसे बहाने कर रहे हैं।
राजस्थान, एमपी, पश्चिम बंगाल से समय पर पेमेंट आता है। समय पर पेमेंट करने में कश्मीर की मंडी का रिकॉर्ड सबसे अच्छा है। कपड़ा व्यापारी अरुण पाटोदिया ने बताया कि जिनके पास पैसा है वे भी पेमेंट नहीं दे हैं। उनकी डिस्पैचिंग रोक रखी है। किसी आढ़तिया का पेमेंट बाकी है तो दूसरा व्यापारी माल दे देता है, इसलिए पेमेंट मिलने में समस्या बढ़ जाती है।
कश्मीर मंडी के व्यापारी समय पर कर देते हैं पेमेंट
- मंडी पेमेंट
- कश्मीर 30 से 75 दिन
- राजस्थान 45 से 90 दिन
- मध्यप्रदेश 30 से 60 दिन
- महाराष्ट्र 30 से 70 दिन
- यूपी 3 से 4 माह
- बिहार 3 से 4 माह
- दक्षिण भारत 180 से 300 दिन
- वेस्ट बंगाल 75 से 150 दिन
- हरियाणा 45 से 90 दिन
- पंजाब 45 से 90 दिन
- दिल्ली 45 से 90 दिन
ओवर प्रोडक्शन से नहीं सुधर रहा पेमेंट सिस्टम
कपड़ा व्यापारी दिनेश कटारिया का कहना है कि ओवर प्रोडक्शन के कारण पेमेंट सिस्टम गड़बड़ा गया है। अगर आवश्यकता के अनुसार प्रोडक्शन हो तो मजबूरी में किसी को उधार माल देने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
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Source From
RACHNA SAROVAR
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