महाराष्ट्र के बहुचर्चित भीमा कोरेगांव में हिंसा की साजिश रचने की संलिप्तता के आरोप में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने गुरुवार को सामाजिक कार्यकर्ता फादर स्टेन स्वामी को उनके नामकुम बगईचा स्थित आवास से हिरासत में ले लिया। इस वर्ष जनवरी में एनआईए ने यह केस टेकओवर किया है। पहली बार फादर स्टेन स्वामी से अगस्त में पूछताछ भी की थी। खुद को मानवाधिकार कार्यकर्ता बताने वाले फादर स्टेन स्वामी पर आरोप है कि उनके और उनके साथियों के भड़काऊ भाषण के बाद ही एक जनवरी 2018 में भीमा कोरेगांव में हिंसा भड़की थी।
इस मामले में एनआईए दो माह पहले छह अगस्त को भी फादर स्टेन स्वामी के घर पहुंची थी और करीब ढाई घंटे तक उनके आवास में छानबीन करते हुए पूछताछ की थी। इस मामले में एनआईए से पहले महाराष्ट्र पुलिस अनुसंधान कर रही थी। महाराष्ट्र पुलिस भी फादर स्टेन स्वामी से पूर्व में दो बार पूछताछ कर चुकी है। पहली बार 28 अगस्त 2018 को महाराष्ट्र पुलिस उनके आवास पर पहुंची थी।
जनवरी 2018 में पुणे के पास हुई थी हिंसा
पुणे के भीमा कोरेगांव में एक जनवरी 2018 को हिंसा भड़की थी। इस रैली के बाद संसावाड़ी में हिंसा भड़क उठी थी। कुछ क्षेत्रों में पत्थरबाजी की घटना हुई। उपद्रव के दौरान एक नौजवान की जान भी गई थी। हिंसा की घटना के एक दिन पहले वहां यलगार परिषद के बैनर तले एक रैली भी हुई थी। आरोप है कि इसी रैली में हिंसा भड़काने की भूमिका तैयार की गई थी। इस संगठन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हत्या की साजिश रचने का आरोप भी लगा था। पुलिस ने कई साक्ष्य भी बरामद किए थे। इस मामले में कई लोगों को गिरफ्तार भी किया था।
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Source From
RACHNA SAROVAR
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