राज्य सरकार ने शादी में शामिल होने वालों की संख्या 100 से बढ़ाकर 200 कर दी है। इससे सूरत के कपड़ा व्यापारियों में भारी खुशी है। मार्केट में सबसे अधिक कपड़ा शादी के सीजन में ही बिकता है। कोरोना महामारी के चलते इस साल कपड़े की बहुत कम मांग है। हालांकि दिवाली पर 40 से 50 फीसदी तक कारोबार हो रहा है।
राज्य सरकार के शादी में छूट देने के निर्णय से व्यापारियों की चिंता दूर हो गई है। व्यापारी आसानी से शादी के सीजन का कारोबार कर सकेंगे। कोरोना का सबसे ज्यादा असर मंडप क्लॉथ पर पड़ रहा था। मंडप क्लॉथ के व्यापारियों को अब कारोबार होने की उम्मीद है।
डायड, टॉप डायड, लहंगे और फैंसी कपड़ों की डिमांड बढ़ेगी
कोरोना काल में शादी में कम लोगों के शामिल होने की गाइडलाइन से मार्केट में कोई डिमांड नहीं थी। अनलॉक में ढील मिलने के बाद कारोबार शुरू तो हुआ, पर 150 से 350 रुपए तक की सस्ती साड़ियां ही बिक रही थी।
शादियों में पहने जाने वाले डायड, टॉप डायड, लहंगे, वैल्यू एडिशन और फैंसी कपड़ों में कोई डिमांड नहीं थी। अब छूट मिलने के बाद इन कपड़ों की डिमांड बढ़ेगी। इसके अलावा मार्केट में खरीदी करने बाहरी मंडी के व्यापारी भी नहीं आ रहे थे, जो आने लगेंगे।
मंडप क्लॉथ के व्यापारी खुश | सूरत मंडप क्लॉथ एसोसिएशन के अध्यक्ष देव संचेती ने बताया कि सूरत के 300 व्यापारी सालाना देढ़ से दो सौ करोड़ का कारोबार करते हैं। कोरोना के कारण मंडप क्लॉथ का कारोबार पूरी तरह से ठप हो गया था। अब शादियों में 200 लोगों के शामिल होने की छूट मिलने से अच्छा कारोबार होने की उम्मीद है।
छूट मिलने से कारोबार बढ़ेगा | फोस्टा अध्यक्ष मनोज अग्रवाल ने बताया कि दिवाली में उम्मीद से अच्छा कारोबार हो रहा है। शादी में छूट मिलने के बाद कारोबार और बढ़ेगा। सूरत के कपड़ा उद्योग को इससे बहुत बड़ी राहत मिलेगी। शादी के सीजन का कारोबार भी अच्छा होगा।
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Source From
RACHNA SAROVAR
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