पांडेसरा की भीड़भंजन इंडस्ट्रियल सोसाइटी में रेस्टोरेंट की बेंच पर सोने की लड़ाई में दो लोगों ने युवक को जिंदा जला दिया। 50 प्रतिशत तक झुलसे युवक को इलाज के लिए सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। सूत्रों के अनुसार पांडेसरा में भीड़भंजन आवास के पास स्थित आशपुरा साेसाइटी में रहने वाला प्रमोद पुत्र मूशा विश्वास(38) भीड़भंजन इंडस्ट्रियल सोसाइटी में लूम्स कारखाने में नौकरी करता है।
प्रमोद ने लॉकडाउन में पत्नी और बच्चों काे गांव पहुंचा दिया था। अनलॉक में ढील मिलते ही परिवार को वहां छोड़कर अकेले सूरत आ गया। प्रमोद को रात में घर में गर्मी लगती थी तो वह कुछ दिनों से नजदीक में स्थित बजरंग रेस्टोरेंट में रखी लोहे की बेंच पर जाकर सो जाता था। गत 30 अक्टूबर को प्रमोद रात में बेंच पर सोने गया था।
तभी वहां पर पहले से खड़े किशनसिंह और दीपक गुप्ता ने कहा कि तू रोज यहां आकर सो जाता है, हमें बैठने भी नहीं देता है। एक दिन तुझे बेंच पर ही जिंदा जला देंगे। धमकी देने के बाद दोनों नीचे ही सो गए। 31 अक्टूबर को प्रमोद रोज की तरह रात में आया और बेंच पर सो गया।
रात करीबन एक बजे किशनसिंह और दीपक गुप्ता उसके ऊपर ज्वलनशील पदार्थ डालने के बाद माचिस की जलती तीली फेंककर वहां भाग गए। प्रमोद 50% तक झुलस गया।उसे सिविल में भर्ती कराया गया है।चिल्लाने की आवाज सुनकर कारखाने से कारीगर बचाने दौड़े आग में झुलस रहा प्रमोद जोर-जोर से चिल्लाने लगा।
प्रमोद की आवाज सुनकर आसपास कारखानों में काम करने वाले कारीगर वहां आ गए और पानी, कपड़े से आग को बुझाने की कोशिश करने लगे। आग बुझाने के बाद गंभीर रूप से झुलसे प्रमोद को 108 एंबुलेंस से सिविल अस्पताल ले जाया गया। जहां प्रमोद की हालत गंभीर बनी हुई है। घटना की जानकारी मिलते ही पांडेसरा पुलिस मौके पर पहुंच गई।
चौबीस घंटे बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया
पांडेसरा पुलिस ने घटना के 24 घंटे बाद आरोपी दीपक गुप्ता और किशनसिंह को हिरासत में ले लिया। काेरोना टेस्ट कराने के लिए दोनों को अस्पताल ले जाया गया। कोरोना की रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद पुलिस आरोपियों को गिरफ्तार करेगी। आरोपियों के गिरफ्तार होने के बाद ही यह पता चल पाएगा कि इसमें और कितने लोग शामिल हैं।
पांडेसरा पुलिस घटना की जांच कर रही है, दोनों आरोपी फरार
पांडेसरा थाने के सब इंस्पेक्टर वीएन सिंह ने बताया कि आसपास कोई सीसीटीवी या वीडियो नहीं मिला है। स्पष्ट रूप से नहीं कह सकते हैं कि आरोपियों ने जलाने से पहले ज्वलनशील पदार्थ डाला है या नहीं। आरोपियों से पूछताछ करने के बाद ही पूरा मामला सामने आएगा।
उधर, डिंडोली में चाकू मारकर युवक की हत्या, दूसरे के झगड़े में समझाने गया था
डिंडोली में छठ पूजा तालाब के पास संतोक पार्क रेजिडेंसी में झगड़े का समझौता करवाने गए युवक की चाकू मारकर हत्या कर दी गई। संतोक पार्क रेजिडेंसी के बी-विभाग में रहने वाला 44 वर्षीय मधुकर सोनवणे फाइनेंस और गाड़ी खरीदने-बेचने का कारोबार करता था। संतोक रेजिडेंसी के डी-विभाग में विकास श्रीवास्तव रहता है।
पहले धर्मेंद्रसिंह सोसाइटी के प्रमुख थे, अब विकास श्रीवास्तव की बहन अध्यक्ष है। रविवार को रेजिडेंसी में मेंटेनेंस के मुद्दे पर धर्मेंद्रसिंह और विकास में झगड़ा हो गया। सोमवार को विकास ने धर्मेंद्रसिंह और उसके भाई काे मारने के लिए अपने दोस्त मंजी चौधरी, माया पटेल और अमित वर्मा को बुलाया था।
धर्मेंद्रसिंह नहीं मिला तो आरोपी उसके भाई गिरीश सिंह और भतीजे निर्भय सिंह को मारने दौड़े। गिरीश सिंह अपनी जान बचाकर भागने लगा, तभी मधुकर अपने घर से बाहर निकला। इसी बीच विकास, मंजी वहां से जाते हुए दिखाई दिए तो मधुकर उन्हें समझाने लगा, तभी दोनों ने चाकू मार दिया। मधुकर को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
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Source From
RACHNA SAROVAR
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