साल 2020 के आखिर में भले ही कोरोना कमजोर पड़ चुका है, लेकिन इस बार की थर्टी फर्स्ट पाबंदियों के साये में ही मनेगी। सूरत सहित अहमदाबाद, राजकोट, वडोदरा में रात वाला कर्फ्यू 9 बजे से प्रभावी रहेगा ही दिन में भी पुलिस भीड़ नहीं जुटने देगी। बुधवार को हुई कैबिनेट की बैठक में तय हुआ कि नए साल के पहले दिन से कर्फ्यू में एक घंटे की राहत मिल जाएगी।
यानी 1 से 14 जनवरी तक कर्फ्यू का समय रात 9 की बजाय 10 से सुबह 6 बजे हो जाएगा। इस बार तमाम पतंगोत्सव भी रद्द कर दिए गए हैं। अब बात कोरोना की तो प्रदेश में 175 दिन बाद नए संक्रमित 800 से कम होकर 799 पर आ गए। इससे पहले 9 जुलाई को 700 पार जाते हुए 861 हो गए थे। मौतें भी अब लगभग आधी रह गई हैं। जुलाई में ही 21 तारीख को अब तक की सर्वाधिक 34 मौतें हुई थीं।
उसी दिन सूरत में भी रिकॉर्ड 21 जानें चली गई थीं। सक्रिय मरीज भी अब 10 हजार से कम होकर 9979 रह गए हैं, जो 31 जुलाई को 14090 हो गए थे। इस बुधवार को एक दिन में 834 लोगों के डिस्चार्ज हो जाने से अब तक 2 लाख 29 हजार 977 मरीज ठीक हो चुके हैं।
सक्रिय मरीजों में से 62 मरीज ही वेंटिलेटर पर हैं। सात नई मौतों के बाद कुल आंकड़ा 4302 हो गया है। कुल मरीज दो लाख 44 हजार 258 हो चुके हैं। एक दिन में 54 हजार 708 लोगों के टेस्ट किए गए।
नए केस 175 दिन बाद 800 से नीचे, सक्रिय मरीज 10 हजार से कम
जुलाई में जब पीक पर था कोरोना
नए केस| गुजरात में पहली बार 9 जुलाई को 800 पार हुए थे नए संक्रमित
मौतें | 21 जुलाई को रिकॉर्ड 34 मौतें हुई थीं, सूरत में भी 21 पहुंच गई थीं
एक्टिव केस | 31 जुलाई को पहली बार 14 हजार पार हो गए भर्ती मरीज
सूरत सहित 3 शहरों में 100 से ज्यादा नए केस
प्रदेश में अब सिर्फ तीन शहरों में 100 से ज्यादा नए मरीज आ रहे हैं। बुधवार को सर्वाधिक 164 अहमदाबाद में, सूरत में 147 और वडोदरा में 128 नए मरीज मिले। इसके अलावा 50 पार में सिर्फ राजकोट 88 और 25 पार में कच्छ में 26 केस आए। मौतें भी सर्वाधिक 3 अहमदाबाद में और गांधीनगर, राजकोट और सूरत में एक-एक हुई।
नए साल में भारत में शुरू होगा वैक्सीनेशन, फिलहाल ब्रिटेन से आने-जाने वाली उड़ानों पर रोक 7 जनवरी और कमर्शियल उड़ानों पर रोक 31 जनवरी तक
ब्रिटेन में ऑक्सफोर्ड वैक्सीन को मिली मंजूरी
कोरोना वायरस के नए स्वरूप से परेशान चल रहे ब्रिटेन ने ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनेका की वैक्सीन कोविशील्ड को इमरर्जेंसी इस्तेमाल के लिए मंजूरी दे दी है। इससे नए साल में भारत में वैक्सीनेशन शुरू होने की उम्मीद बढ़ गई है। भारत में ऑक्सफोर्ड की वैक्सीन का उत्पादन सीरम इंस्टीट्यूट कर रहा है। कोविशील्ड को मंजूरी देने के संबंध में बुधवार को सब्जेक्ट एक्सपर्ट कमेटी (एसईसी) ने बैठक बुलाई थी।
अब एसईसी वैक्सीन के लिए सिफारिश कर सकती है, इस पर अंतिम फैसला ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (डीसीजीआई) का होगा। सीरम इंस्टिट्यूट ने वैक्सीन के छह करोड़ डोज तैयार कर लिए हैं। फरवरी तक 10 करोड़ वैक्सीन डोज तैयार कर लिए जाएंगे।
जैसे ही मंजूरी मिलेगी, वैक्सीन की डिलीवरी शुरू हो जाएगी। मंजूरी के बाद वैक्सीन सबसे पहले देश के एक करोड़ हेल्थ वर्करों को दी जाएगी। वैसे तो वैक्सीन वितरण सभी राज्यों में एक समान होगा, पर हेल्थ वर्कर्स की संख्या के आधार पर बदलाव हो सकता है।
देश में ऐसे चलेगा टीकाकरण अभियान
{ टीका लेने वाले लोगों और वैक्सीन को ट्रैक करने के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म ‘कोविड वैक्सीन इंटेलिजेंस नेटवर्क (को-विन) सिस्टम’ का इस्तेमाल होगा। पहले चरण में 30 करोड़ लोगों को टीका देने की योजना है।
{ टीकाकरण के लिए को-विन वेबसाइट पर खुद से रजिस्ट्रेशन करने के लिए 12 फोटो पहचान पत्र मान्य होंगे. इनमें वोटर आईडी कार्ड, आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, पासपोर्ट और पेंशन दस्तावेज शामिल हैं।
{ टीकाकरण वाली जगह पर सिर्फ पहले से पंजीकृत लोगों को ही टीका लगेगा, ताकि प्राथमिकता तय हो सके। टीकाकरण वाली टीम में पांच लोग शामिल होंगे।
{ वैक्सीन सेंटर में हर सत्र में 100 लोगों को वैक्सीन दी जाएगी। जहां पर वेटिंग रूम, निगरानी केंद्र, भीड़ को संभाल पाने और सामान रखने की व्यवस्था होगी तो वहां एक और वैक्सीनेटर ऑफिसर तैनात रहेगा।
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Source From
RACHNA SAROVAR
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