सूरत पुलिस ने 2020 में ड्रग्स के आदी युवा वर्ग को सुधारने के लिए ‘नो ड्रग्स इन सूरत सिटी’ के तरह जागरूकता की पहल की थी, जिसमें पुलिस ने डॉक्टर्स और संस्थाओं के साथ बैठक कर ड्रग्स की गतिविधि रोकने के लिए योजना तैयार की थी। सूरत पुलिस कमिश्नर अजय तोमर सूचना पर पुलिस ने वर्ष 2020 में 2020 में 5 से 6 महीने में 21 केस कर 2.38 करोड़ रुपए का नशीला पदार्थ जब्त किया।
इसमें गांजा, एमडी ड्रग्स, चरस, अफीम आदि ड्रग्स शामिल हैं। इसके साथ ही पुलिस ने 64 आरोपियों को जेल भेज दिया था। सबसे ज्यादा 37 आरोपियों की गिरफ्तारी एमडी ड्रग्स में की गई थी। ड्रग्स माफियाओं को जेल भेजे जाने से शहर में अब ड्रग्स मिलना मुश्किल हो गया है। पुलिस सूत्रों ने बताया कि नशा करने वाले कई युवा चोरी- लूट जैसे गुनाह में लिप्त पाए गए। उनकी नशे की लत के कारण परिवार वाले भी परेशान रहते थे।
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RACHNA SAROVAR
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