जनपद पंचायत अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत बीरसागर के आदिवासी सरपंच ने शासकीय कामों में दबंगों ने जबरन हस्ताक्षर और झूठी शिकायतों के लिए दवाब बनाया जा रहा है। ग्राम पंचायत बीरसागर के सरपंच हरदयाल आदिवासी ने मुख्य कार्यपालन अधिकारी शैलेंद्र सिंह एवं सहायक यंत्री ओपी दुबे को दिए लिखित आवेदन देकर न्याय की मांग करते हुए बताया कि आदिवासी सरपंच होने से ग्राम के दबंगों के द्वारा उनसे जबरन झूठी शिकायत बनाकर हस्ताक्षर कराए जाते हैं और निर्माण कार्यों के जबरन प्रस्ताव लेकर जनपद पंचायत के अधिकारी और कर्मचारियों से मिलकर काम खुलवा लेते हैं।
जिसका उन्हें पता ही नहीं चलता है। साथ ही जब उपयंत्री के द्वारा काम खोले जाने की बात कही जाती है, तो सरपंच को इसका कोई पता ही नहीं रहता है। काम खुलने के बाद इन दबंगों के द्वारा पूरा काम को पूर्ण नहीं कराया जाता है और उसके मूल्यांकन भी छोड़ दिए जाते हैं। सरपंच हरदयाल आदिवासी ने आरोप लगाया कि दबंग मोनू यादव के द्वारा दवाब डालकर उनसे जबरन हस्ताक्षर कराकर उपयंत्री की झूठी शिकायत भी दर्ज करा रहे हैं। आदिवासी सरपंच होने के कारण उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है और उनके साथ जाति सूचक शब्दों से अपमानित भी किया जा रहा है। ऐसे में उन्होंने अधिकारियों से न्याय दिलाने की मांग की है।
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Source From
RACHNA SAROVAR
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